चांडिल:ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीण लगातार परेशान हैं। हाथियों के हमले से फसल, घर-मकान और कभी-कभी जान-माल तक का नुकसान होता है। विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने माना कि अब तक हजारों किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009-10 से लेकर अब तक सरायकेला-खरसावां जिले में जंगली हाथियों के उत्पात से करीब 46,477 एकड़ फसल बर्बाद हुई है। इसके एवज में प्रभावित किसानों को अब तक ₹2 करोड़ 52 लाख से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है।सरकार ने यह भी माना कि कई पीड़ितों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। हालांकि विभाग ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित ग्रामीणों को शीघ्र भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।जंगली हाथियों के उत्पात पर नियंत्रण के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई है, जो मौके पर पहुंचकर हाथियों को गांवों से खदेड़ती है। इसके अलावा सरायकेला जिले में हाथियों की निगरानी हेतु चार वॉच टावर भी बनाए गए हैं – रामगढ़, कुरूली, पालिला और निकिट में। साथ ही, एफएम रेडियो के जरिए भी ग्रामीणों को समय-समय पर हाथियों की गतिविधियों की सूचना दी जाती है।
Tags
Elephant
