बोड़ाम (जमशेदपुर) 23जून :दलमा वन क्षेत्र की तराई में बसे बोड़ाम प्रखंड के कई गांवों के ग्रामीण इन दिनों वन विभाग की कार्रवाई से बेहद भयभीत हैं। अतिक्रमण हटाने के नाम पर विभाग की ओर से नोटिस थमाए जा रहे हैं और मौखिक तौर पर मकान खाली करने की धमकी दी जा रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है और वन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं।
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उनका जीवन, जीविका और भविष्य इसी जमीन से जुड़ा है। अब जब वे शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं, तो वन विभाग की ओर से उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की जा रही है, जबकि अब तक न तो उन्हें मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई है।इसी क्रम में सोमवार को झारखंड आंदोलनकारी एवं समाजसेवी आस्तिक महतो बोंटा पंचायत के विभिन्न टोलों का दौरा करने पहुंचे और ग्रामीणों से मिलकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी हाल में उनके मकान नहीं टूटने दिए जाएंगे।उन्होंने कहा, “यह बर्दाश्त के बाहर है कि पीढ़ियों से बसे लोगों को उजाड़ा जा रहा है। जल, जंगल, जमीन हमारा है और अब अगर विभाग ने ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ली, तो लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाकात भी की जाएगी।”इस मौके पर आयोजित बैठकों में ग्रामीणों ने भी वन विभाग की नीतियों की कड़ी आलोचना की और प्रशासन से पुनर्वास से पहले किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।बैठक में पूर्व जिला पार्षद स्वपन कुमार महतो, पूर्व मुखिया हरि प्रसाद किस्कू, उप मुखिया विनोद सिंह, भोला मार्डी, लवकिशोर हांसदा, कार्तिक हांसदा, लम्बोदर हांसदा, महानंद महतो, सदानंद महतो, लुलु बहादुर, उमेश चंद्र महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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