चांडिल:नारायण प्राइवेट आई.टी.आई., लूपुंगडीह परिसर में रविवार को जनसंघ के संस्थापक, महान राष्ट्रभक्त, शिक्षाविद् एवं भारत माता के सच्चे सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. जटाशंकर पांडेय समेत सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं उनकी पावन स्मृति को नमन करते हुए की गई। इस अवसर पर निदेशक डॉ. जटाशंकर पांडेय ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका जीवन और विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
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उन्होंने डॉ. मुखर्जी के प्रसिद्ध कथन "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" को उद्धृत करते हुए कहा कि यह विचार आज भी हर देशभक्त के हृदय में गूंजता है। श्री पांडेय ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एडवोकेट निखिल, प्रो. सुदिष्ठ कुमार, जयदीप पांडेय, पवन महतो, अजय मंडल, कृष्णा महतो, गौरव महतो, शशि महतो, शुभम्, सोमनाथ, प्रकाश महतो सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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